✎ आईआईटी बॉम्बे में अनुसूचित जाति के छात्र की मृत्यु पर जाति आधारित भेदभाव के आरोपों की व्यापक जांच एनसीएससी द्वारा की गई।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
एनसीएससी के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना ने अनुसूचित जाति के छात्र साहिल वाकोडे की आईआईटी बॉम्बे में हुई मृत्यु के संबंध में घटनास्थल पर जांच की। इस मामले में परिवार द्वारा जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद एनसीएससी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मौके पर जाकर परिस्थितियों की समीक्षा की। आयोग ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और परीक्षा रिकॉर्ड सहित सभी प्रासंगिक सामग्री के संरक्षण का निर्देश दिया तथा मुंबई पुलिस की अपराध शाखा द्वारा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस घटना से संविधान के अनुच्छेद 17 (अस्पृश्यता उन्मूलन) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता उजागर हुई है, जो बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
यह मामला संस्थानों में सामाजिक न्याय और समावेशिता के मुद्दों को रेखांकित करता है, जो बैंकिंग क्षेत्र में आरक्षण नीति, आरबीआई द्वारा अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के कल्याण संबंधी योजनाओं तथा एसएससी परीक्षाओं में आरक्षण के प्रभावी कार्यान्वयन जैसे विषयों से सीधे जुड़ा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सक्रिय भूमिका इस बात का प्रमाण है कि सरकारी संस्थानों में अनुसूचित जाति के सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक तंत्र सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। इस घटना के संदर्भ में सरकारी नीतियों, कानूनी प्रावधानों तथा संस्थागत तंत्रों की समझ बैंकिंग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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