✎ RBI ने AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ तकनीकी जोखिमों को नियंत्रित करने हेतु 10 निर्देश जारी किए हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के उप गवर्नर रोहित जैन ने हाल ही में एआई युग में बैंकिंग प्रणाली की तकनीकी और साइबर जोखिमों के प्रबंधन के लिए 10 प्रमुख आवश्यकताओं का खाका पेश किया है। उन्होंने एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा कि तकनीक अब सिर्फ बैंकिंग का सहायक नहीं, बल्कि जोखिम संरचना का हिस्सा बन गई है। उनके अनुसार, बैंकों को मजबूत शासन, तकनीकी अवसंरचना में पारदर्शिता, कड़े नियंत्रण और परिचालन लचीलेपन की नियमित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, एपीआई, फिनटेक प्रदाताओं और एआई मॉडलों के बढ़ते उपयोग के बीच बाहरी निर्भरताओं से उत्पन्न जोखिमों को भी रेखांकित किया, जैसे डेटा सुरक्षा, पुनर्प्राप्ति और निकास विकल्प। एआई के संदर्भ में उन्होंने चेताया कि यह ग्राहक सेवा और धोखाधड़ी रोकथाम में सुधार कर सकता है, लेकिन गलतियों को भी बढ़ा सकता है, जिससे मानव निगरानी और जवाबदेही अनिवार्य हो जाती है।
इस 10-सूत्री ढांचे का बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग परीक्षाओं में तकनीकी जोखिम प्रबंधन, एआई का उपयोग और नियामकीय ढांचे से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। आरबीआई के इस दृष्टिकोण से परीक्षार्थियों को मौद्रिक नीति, वित्तीय स्थिरता और तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन बनाने की समझ मिलेगी। एसएससी के लिए यह अर्थव्यवस्था और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के अंतर्संबंध को समझने में मदद करेगा, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में तकनीकी जोखिमों के प्रति नियामकीय दृष्टिकोण पर सवालों के उत्तर देने में सहायक होगा।
स्रोत: Mint
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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