✎ स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत वस्त्र मंत्रालय द्वारा स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत वस्त्र मंत्रालय के विभिन्न संगठनों द्वारा स्वच्छता अभियानों और जागरूकता पहलों का व्यापक आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता के मानकों को सुनिश्चित करना तथा नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस अभियान के तहत भारतीय पटसन निगम (जेसीआई), राष्ट्रीय पटसन बोर्ड (एनजेबी), कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) तथा राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (एनएचडीसी) जैसे संगठनों ने अपने-अपने कार्यालयों, उत्पादन इकाइयों तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाए। इन पहलों में कार्यस्थलों की सफाई, कचरे का उचित निपटान, पुरानी सामग्रियों को हटाना तथा जन भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देना शामिल था। विशेष रूप से, जेसीआई द्वारा असम के विभिन्न जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए, जबकि एनजेबी ने जूट उत्पादन इकाइयों में स्वच्छता मानकों की समीक्षा की। सीसीआई ने ‘क्लिन डेस्क और क्लिन कैंपस’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को स्वच्छता के प्रति संवेदनशील बनाया, जबकि एनएचडीसी ने अपने कार्यालय परिसरों में स्वच्छता निरीक्षण किया। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना तथा पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बनाए रखना है।
यह अभियान न केवल प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। वस्त्र मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता अभियान सरकारी नीतियों, जन कल्याणकारी योजनाओं तथा प्रशासनिक सुधारों के व्यापक विषय से जुड़ा हुआ है, जो परीक्षाओं में राजनीति एवं शासन विषय के अंतर्गत पूछा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत अभियान जैसी राष्ट्रीय पहलों के संदर्भ में भी
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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