✎ जीआई टैग वाली गुलबर्गा तुअर दाल के निर्यात से किसानों को बेहतर मूल्य मिला और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) ने 24 सितंबर 2026 को कर्नाटक के जीआई टैग वाली गुलबर्गा तुअर दाल की एक मीट्रिक टन खेप मालदीव निर्यात करने में मदद प्रदान की। यह पहल भारत के जीआई उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के ब्रांडों को निर्यात मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्यात के माध्यम से किसानों को जहां पहले 60 रुपये प्रति किलो मिलते थे, वहीं अब उन्हें 82 रुपये प्रति किलो का मूल्य प्राप्त हो रहा है, जो लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि एफपीओ को निर्यात केंद्रित मूल्य श्रृंखलाओं में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर भी मिला है। यह निर्यात मालदीव को नियमित आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त करेगा और कर्नाटक के उत्पादकों तथा निर्यातकों के लिए निरंतर बाजार अवसरों का सृजन करेगा।
यह घटना कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के प्रयासों के अनुरूप है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में निर्यात वृद्धि का सीधा संबंध विदेशी मुद्रा भंडार, व्यापार संतुलन और आर्थिक विकास से है, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में कृषि निर्यात, जीआई टैग, एफपीओ और किसानों की आय से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह घटना भारत के जीआई उत्पादों की वैश्विक पहचान को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिति को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो परीक्षाओं में करेंट अफेयर्स और आर्थिक विकास से संबंधित प्रश्नों के लिए भी उपयोगी साबित होगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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