✎ अरावली में आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण का संगम अश्वगंधा संवर्धन एवं अनुसंधान के माध्यम से जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
अरावली में आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण के इस अनूठे संगम से जुड़ी हालिया पहल में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और 132 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) ईको राजपूत ने मिलकर भाटी माइंस स्थित टेरियर्स हर्बल गार्डन में 10,000 अश्वगंधा पौधों का रोपण किया है। यह पहल न केवल आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ती है, बल्कि अरावली क्षेत्र के क्षरित भू-भाग के पुनरुद्धार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधों के वैज्ञानिक अध्ययन और संरक्षण से जहां जैव विविधता को बल मिलेगा, वहीं राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) के ‘अश्वगंधा—एक स्वास्थ्य संवर्धक’ अभियान के उद्देश्यों को भी पूरा किया जा सकेगा। इस सहयोगात्मक प्रयास से आयुर्वेद और विज्ञान के बीच तालमेल स्थापित होगा, जिससे सतत विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, SSC और RBI Grade B जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रासंगिक है। परीक्षाओं में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, सतत विकास और सरकारी पहलों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) और प्रादेशिक सेना जैसी संस्थाओं की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। ऐसे समन्वित प्रयास राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता के व्यापक दृष्टिकोण को भी दर्शाते हैं, जो इन परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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