
✎ कर्नाटक द्वारा कस्तूरीरंगन रिपोर्ट को खारिज करने से पश्चिमी घाट के संरक्षण और विकास में संतुलन की चुनौती स्पष्ट होती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
कर्नाटक को कस्तूरिरंगन रिपोर्ट को पूरी तरह अस्वीकार नहीं करना चाहिए। इस रिपोर्ट में पश्चिमी घाटों में मानव बस्तियों और आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने का प्रयास किया गया है, लेकिन कर्नाटक विधानसभा ने इसे सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। इसका मुख्य कारण 2012 के रिमोट-सेंसिंग डेटा की सटीकता पर संदेह और गांवों के 20% क्षेत्रफल को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) में शामिल करने जैसी चिंताएं थीं। इससे किसानों और मजदूरों के जीवनयापन पर असर पड़ने की आशंका थी। केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद, कर्नाटक ने ईएसए फ्रेमवर्क का विरोध किया, जिससे विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई हो रही है। हालांकि केंद्र ने 2024 में राज्यों को ईएसए को राज्यवार अधिसूचित करने की अनुमति दी है, लेकिन कर्नाटक को अब अपने विकल्प प्रस्तुत करने होंगे, अन्यथा उसे अन्य राज्यों के दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
इस मुद्दे का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग परीक्षाओं में पर्यावरणीय नीतियों और उनके आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में सरकारी नीतियों और उनके कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आरबीआई ग्रेड बी में केंद्र-राज्य संबंधों और नीति निर्माण के आर्थिक निहितार्थों पर सवाल उठ सकते हैं। कस्तूरिरंगन रिपोर्ट और पश्चिमी घाटों के संरक्षण से संबंधित मामलों पर अवधारणात्मक स्पष्टता रखने से परीक्षार्थियों को लाभ होगा।
स्रोत: The Hindu
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