plutusacademy
आत्मनिर्भर भारत: भारतीय नौसेना हेतु 8 नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट्स का अनुबंध
आत्मनिर्भर भारत: रक्षा अनुबंधपुराना तरीकाआत्मनिर्भर भारतअनुबंधविदेशीस्वदेशीप्राप्तकर्ताविदेशी कंपनियाँजीआरएसई और जीएसएलउत्पादआयातित8 नेक्स्ट जनरेशन कार्वेट
आत्मनिर्भर भारत: रक्षा अनुबंध

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

**सुरक्षा: आत्मनिर्भर भारत – भारतीय नौसेना के लिए 8 अगली पीढ़ी के कोरवेट के लिए एमओडी ने जीआरएसई और जीएसएल के साथ 53,866.50 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए**

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 8 अगली पीढ़ी के कोरवेट (एनजीसी) के निर्माण हेतु गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता के साथ कुल 53,866.50 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और देश की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है। इन कोरवेट का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जिससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह खबर कई मायनों में प्रासंगिक है। यह सीधे तौर पर सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल से जुड़ी है, जो आर्थिक नीतियों और औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उम्मीदवारों को रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निवेश, प्रमुख रक्षा सौदों, और इन सौदों में शामिल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (जैसे जीएसएल और जीआरएसई) के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, यह भारतीय अर्थव्यवस्था पर रक्षा व्यय के प्रभाव, रोजगार सृजन, और देश की सुरक्षा रणनीति से संबंधित प्रश्नों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो सामान्य जागरूकता और करंट अफेयर्स खंड का एक अभिन्न अंग हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

2 comments on “आत्मनिर्भर भारत: भारतीय नौसेना हेतु 8 नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट्स का अनुबंध”