✎ एआई निर्मित कार्य कॉपीराइट योग्य है, किंतु उसका लेखक केवल मानव ही हो सकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
AI-generated सामग्री मूल हो सकती है, मगर उसका लेखक नहीं हो सकती, यह निर्णय भारतीय कॉपीराइट कार्यालय ने दिया है। अमेरिकी शोधकर्ता स्टीफन थैलर ने अपने AI सिस्टम डीएबीयूएस द्वारा निर्मित एक चित्र ‘ए रिसेंट एंट्रेंस टू पैराडाइज़’ के लिए कॉपीराइट पंजीकरण का आवेदन किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कॉपीराइट अधिनियम के अनुसार ‘लेखक’ केवल एक मानव को ही माना जाता है, न कि किसी मशीन को। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि AI द्वारा निर्मित रचनात्मक कार्य को तो संरक्षण मिल सकता है, मगर उसका लेखक AI नहीं, बल्कि वह व्यक्ति होगा जिसने AI को प्रशिक्षित किया या उसकी संरचना तैयार की। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे AI के बढ़ते उपयोग के बीच बौद्धिक संपदा कानूनों की स्पष्टता बढ़ेगी, जो बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है।
AI द्वारा निर्मित सामग्री के कानूनी पहलुओं पर यह निर्णय भविष्य में कॉपीराइट विवादों को सुलझाने में मदद करेगा। बैंकिंग क्षेत्र में जहां डिजिटल नवाचार तेजी से हो रहे हैं, वहीं आरबीआई जैसी संस्थाएं AI के उपयोग से उत्पन्न डेटा एवं सामग्री के स्वामित्व को लेकर नीतियां बना रही हैं। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में भी तकनीकी विकास एवं कानूनी पहलुओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहां AI के लेखकत्व संबंधी मुद्दे चर्चा का विषय बन सकते हैं। यह निर्णय वैश्विक स्तर पर AI कानूनों की दिशा को भी प्रभावित करेगा, जिससे भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को तकनीकी एवं कानूनी जागरूकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
स्रोत: The Indian Express
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