✎ एपीपीएससी ग्रुप-1 भर्ती में ओएमआर शीट हेराफेरी और हस्ताक्षर जालसाजी के मामले सामने आए हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**हाल ही में जारी एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, ग्रुप-I 2018 भर्ती में ओएमआर शीटों में हेरफेर और हस्ताक्षरों की नकल का खुलासा हुआ है, जिससे सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और नैतिकता पर सवाल उठ रहे हैं।** विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया है कि आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की ग्रुप-I भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिसमें ओएमआर शीटों में बदलाव, अधिकारियों के हस्ताक्षरों की नकल, और अवैध मूल्यांकन शामिल था। रिपोर्ट के अनुसार, 736 उम्मीदवारों के ओएमआर शीटों में से 718 में हेरफेर पाया गया, जबकि चयनित 165 में से 160 के ओएमआर शीटों में बदलाव किया गया था। इसके अलावा, 48,442 डुप्लिकेट ओएमआर शीटों का निर्माण किया गया, जिनमें उम्मीदवारों के बारकोड नंबरों का इस्तेमाल किया गया।
**इस घटना का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं।** बैंकिंग क्षेत्र में नियुक्तियां अक्सर पीएससी द्वारा आयोजित की जाती हैं, और ऐसी अनियमितताएं भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी ओएमआर आधारित मूल्यांकन होता है, इसलिए ऐसी घटनाएं इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय हैं। यह मामला न केवल प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों की भी मांग करता है।
स्रोत: The Hindu
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