
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय नarcotics ब्यूरो (सीबीएन) ने मध्य प्रदेश के युवाओं के बीच नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु ‘मिशन युवा रक्षा’ के अंतर्गत पांच नशा-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा उन्हें सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग बनाना है। यह पहल राष्ट्रीय नarcotics नीति के अनुरूप है, जो युवाओं को स्वस्थ एवं उत्पादक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। सीबीएन द्वारा संचालित यह अभियान न केवल सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी है, जो सरकारी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक विषय है।
इस पहल की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में नarcotics नियंत्रण से संबंधित नीतियाँ एवं कानून, जैसे ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985’, अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में सरकारी योजनाओं एवं उनके प्रभावों पर आधारित प्रश्नों की संभावना रहती है। इस प्रकार, सीबीएन के ऐसे अभियान सरकारी नीतियों एवं उनके कार्यान्वयन के व्यापक परिदृश्य को समझने में सहायक सिद्ध होते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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