
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
कर्नाटक सरकार ने राज्य की कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए ‘केएमonitor’ नामक एक यादृच्छिक क्षेत्र अध्ययन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत सरकार द्वारा अनुमोदित 14 करोड़ रुपये की राशि से लगभग एक लाख लाभार्थियों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसमें 60,000 प्रतिक्रियाएं एकत्रित की जाएंगी। इसका उद्देश्य पांच प्रमुख गारंटी योजनाओं सहित विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की पहुंच, प्रभाव और परिणामों का मूल्यांकन करना है। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा ने बताया कि यह अध्ययन लीकेज और कार्यान्वयन संबंधी कमियों की पहचान करने के साथ-साथ योजनाओं के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को भी मापेगा। इसके अतिरिक्त, सरकार एक ‘दक्षता सूचकांक’ विकसित करेगी, जिससे नीति निर्माता उन कार्यक्रमों की तुलना कर सकेंगे जो जनता को अधिक लाभ पहुंचाते हैं। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी खर्च की दक्षता को मापने और वास्तविक रूप से जनहितकारी योजनाओं की पहचान करने में मदद करेगी।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। प्रशासनिक सुधार और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से संबंधित प्रश्नों में इस प्रकार के अध्ययन के माध्यम से सरकारी नीतियों की पारदर्शिता और जवाबदेही को मापने के दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, सरकारी बजट और व्यय के आकलन से जुड़े प्रश्नों में भी इस पहल की चर्चा प्रासंगिक होगी, क्योंकि यह सरकारी खर्च की प्रभावशीलता को मापने के लिए एक नवीन दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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