प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
भारत-यूएन विकास साझेदारी कोष के प्रभाव की सराहना करते हुए राजनयिकों ने वैश्विक दक्षिण के देशों के प्रति भारत की विकास सहयोग नीति की प्रशंसा की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्थसारथी हरिश ने इस कोष के माध्यम से किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह कोष राष्ट्रीय स्वामित्व, समानता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित है। उन्होंने बताया कि 2017 में भारत ने 15 करोड़ डॉलर का योगदान देकर वैश्विक दक्षिण के देशों को उनके विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने का संकल्प लिया था। इस कोष के माध्यम से अब तक 64 सदस्य देशों में 94 परियोजनाओं को 82 मिलियन डॉलर की राशि आवंटित की जा चुकी है, जो दर्शाता है कि भारत विकास सहयोग के क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
इस पहल का महत्व विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, एसएससी, आरबीआई ग्रेड बी और आईबीपीएस के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और विकास सहयोग जैसे विषय परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं, जहां भारत की दक्षिण-दक्षिण सहयोग नीति, वैश्विक दक्षिण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और संयुक्त राष्ट्र के साथ उसके सहयोग को समझना आवश्यक है। इसके अलावा, इस प्रकार के मुद्दे समसामयिक मामलों के तहत भी पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को वैश्विक विकास और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रति भारत की भूमिका का ज्ञान प्राप्त होता है।
स्रोत: orissapost.com
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