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कर्नाटक सरकार ने 'K-मॉनिटर' से योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन शुरू किया
कर्नाटक सरकार ने 'K-मॉनिटर' से योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन शुरू किया — कर्नाटक सरकार की योजना मूल्यांकन प्रक्रिया
आरेख: कर्नाटक सरकार की योजना मूल्यांकन प्रक्रिया

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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सरकार विभिन्न योजनाओं और गारंटी के प्रभाव का मूल्यांकन करेगी, जिसे ‘प्रोजेक्ट के-मॉनिटर’ नाम दिया गया है। यह मूल्यांकन कर्नाटक राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा। इस प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में एक लाख लाभार्थियों और दूसरे चरण में 60 हजार लाभार्थियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के प्रभाव को समझना है ताकि उनकी प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उपाय किए जा सकें। इस पहल के तहत जल संसाधन, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शहरी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। यह कदम सरकारी खर्चों के उचित लक्ष्यीकरण और योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकारी नीतियों और उनके कार्यान्वयन की समझ विकसित होती है।

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इसके अतिरिक्त, कर्नाटक सरकार ने आदिवासी विकास बोर्ड की स्थापना को भी मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य वन क्षेत्रों में रहने वाले कमजोर जनजातीय समूहों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना है। बोर्ड आदिवासी समुदायों को उद्यमिता, कौशल विकास, बाजार संबंध, आजीविका के अवसर, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास में सहायता प्रदान करेगा। यह पहल सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और लक्षित लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी नीतियों और योजनाओं के अध्ययन के लिए प्रासंगिक है।

स्रोत: The Hindu


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