✎ स्टारशिप इंजन विफलता से नासा के आर्टेमिस मिशन में देरी संभव है, जिससे चंद्रमा पर मानव वापसी प्रभावित हो सकती है।
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**स्पेसएक्स के स्टारशिप इंजन विफलता से नासा के आर्टेमिस मिशन पर असर**
स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट के नवीनतम परीक्षण उड़ान के दौरान इंजन विफलता से नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को वापस भेजने की योजना प्रभावित हो सकती है, क्योंकि यह अंतरिक्ष यान चंद्र लैंडर के रूप में विकसित किया जा रहा है। हालिया परीक्षण में स्टारशिप ने कई प्रमुख उद्देश्यों को पूरा किया, जिसमें पहली बार कक्षा में पहुंचना और व्यावसायिक उपग्रहों को तैनात करना शामिल था, लेकिन लिफ्ट-ऑफ के बाद रैप्टर इंजन में खराबी आने के कारण मिशन को कई घंटे पहले ही समाप्त करना पड़ा। इससे स्टारशिप के विकास कार्यक्रम की समयसीमा पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह नासा के आर्टेमिस III मिशन के लिए निर्धारित है, जो चंद्रमा पर मानव को वापस भेजने का लक्ष्य रखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंजन की मरम्मत में देरी से न केवल आर्टेमिस कार्यक्रम प्रभावित होगा, बल्कि स्पेसएक्स की व्यावसायिक योजनाओं, जैसे स्टारलिंक नेटवर्क का विस्तार, पर भी असर पड़ सकता है।
यह विफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नासा ने स्टारशिप और ब्लू ओरिजिन के ब्लू मून लैंडर दोनों को आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में चुना है। नासा ने स्पष्ट किया है कि वह जिस भी लैंडर को पहले तैयार पाएगा, उसका उपयोग करेगा। वर्तमान में आर्टेमिस III की समयसीमा 2028 रखी गई है, जिसे अत्यधिक महत्वाकांक्षी माना जा रहा है, खासकर जब चीन 2030 तक चंद्रमा पर मानव मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में स्टारशिप की देरी न केवल अमेरिका की अंतरिक्ष में अग्रणी भूमिका को प्रभावित कर सकती है, बल्कि इससे संबंधित तकनीकी और व्यावसायिक अवसरों पर भी असर पड़ सकता है, जो भविष्य में बैंकिंग, वित्तीय और सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को भी प्रभावित कर सकता है।
स्रोत: Times of India
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