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भारत के पास अब 4 नेविगेशन सैटेलाइट, इस वित्त वर्ष में 5 और होंगे लॉन्च: इसरो प्रमुख
भारत के नेविगेशन उपग्रह विकासउपग्रह संख्या 4 तक पहुपीएनटी सेवाएं5 और प्रक्षेपणवित्त वर्ष मेंगगनयान जी मिशनअनक्रूड
भारत के नेविगेशन उपग्रह विकास

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology

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**भारत के पास अब 4 नेविगेशन उपग्रह हैं, इस वित्तीय वर्ष में 5 और प्रक्षेपण निर्धारित: इसरो प्रमुख**

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इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने श्रीहरिकोटा से NVS-03 नेविगेशन उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के बाद बताया कि भारत के पास अब चार नेविगेशन उपग्रह हैं, जो सटीक स्थिति, नेविगेशन और समय (PNT) सेवाओं के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या है। हालांकि, निरंतर और उच्च सटीकता वाली सेवाओं के लिए सात उपग्रहों के समूह की आवश्यकता है, जिसके लिए दो और उपग्रह तैयार किए जा रहे हैं तथा एक अन्य की स्वीकृति प्रक्रिया में है। इससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास अपना नेविगेशन उपग्रह समूह है। इसरो प्रमुख ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में पांच और प्रक्षेपण किए जाएंगे, जिनमें मानव रहित ‘गगनयान जी’ मिशन भी शामिल है। इसके अलावा, दो पीएसएलवी और दो एसएसएलवी मिशन तथा एक निजी क्षेत्र का प्रक्षेपण भी निर्धारित है।

इस उपलब्धि का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक है, क्योंकि इससे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। नेविगेशन उपग्रहों से जीपीएस, आपदा प्रबंधन और सैन्य संचालन जैसे क्षेत्रों में सुधार होता है, जो देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह, गगनयान जैसे मानव अंतरिक्ष मिशन भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करते हैं, जो भविष्य में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

स्रोत: orissapost.com


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