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गुजरात उच्च न्यायालय ने पूछा: क्या भरूच की जामा मस्जिद जैन मंदिर है?

✎ गुजरात उच्च न्यायालय ने 13 अक्टूबर, 2026 तक केंद्र सरकार से भरूच की जामी मस्जिद को जैन मंदिर घोषित करने संबंधी याचिका पर जवाब मांगा है।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity

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बिहार के बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी परीक्षार्थियों के लिए यह घटना राजनीतिक एवं कानूनी दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुजरात उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार तथा अन्य प्राधिकारियों को 13 अक्टूबर तक जवाब देने का निर्देश दिया है, जिसमें यह पूछा गया है कि भरुच की जामी मस्जिद वास्तव में एक जैन मंदिर है अथवा नहीं। यह मामला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित स्मारक के रूप में दर्ज होने के बावजूद उठाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत के मुद्दे किस प्रकार न्यायिक तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 29 तथा 30 के तहत अल्पसंख्यक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता तथा ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण संबंधी प्रावधानों की गहन समझ आवश्यक होती है, जो आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी परीक्षाओं में भी पूछे जाते हैं।

इस विवाद के माध्यम से यह भी देखा जा सकता है कि किस प्रकार सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए अभियानों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक पहचान के मुद्दों को उठाया जाता है, जिससे कानूनी प्रक्रिया तथा प्रशासनिक तंत्र पर दबाव पड़ता है। एएसआई द्वारा जारी चेतावनी तथा जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम इस बात को रेखांकित करते हैं कि किस प्रकार कानून के अनुसार स्मारकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। बैंकिंग तथा एसएससी परीक्षाओं में ऐसे मामलों से संबंधित प्रश्नों में स्मारकों के संरक्षण कानून, अल्पसंख्यक अधिकार तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को शामिल किया जा सकता है, जिससे परीक्षार्थियों को इन विषयों की गहन समझ विकसित करनी चाहिए।

स्रोत: The Indian Express


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