प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**जल जीवन मिशन 2.0** के तहत आंध्र प्रदेश सरकार अगले दो वर्षों में 90 लाख घरों तक पीने योग्य जल पहुंचाने के लिए 30,156 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जैसा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कड़प्पा जिले के प्रोद्दटूर में योजना का शुभारंभ करते हुए बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में विकास परियोजनाओं की नींव रखी गई है, जिससे जल-संकट से जूझ रहे राज्य को पुनर्जीवित किया जा सकेगा। उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण के साथ मिलकर शुरू की गई इस पहल ‘अमरजीवी जलधारा’ के तहत चित्तूर, तिरुपति और अनंतपुर जैसे जिलों में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। नायडू ने अपने संबोधन में राज्य में पिछले सात दिनों में शुरू की गई नौ महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें ग्रामीण सड़कों और नालियों के विकास के लिए 11,085 करोड़ रुपये की ‘पल्ले पंडुगा 3.0’ और 1 लाख करोड़ रुपये की ‘ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब – रायलसीमा राइजिंग’ जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। जल जीवन मिशन जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाएं सरकारी बजट, वित्तीय आवंटन और नीति निर्माण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, जो परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों जैसे ‘सरकारी योजनाओं के उद्देश्य’, ‘वित्तीय संसाधनों का आवंटन’ और ‘राज्यों के विकास में केंद्र की भूमिका’ से संबंधित विषयों को कवर करती हैं। इसके अलावा, जल संसाधन प्रबंधन, जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे भी सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जाते हैं, जिससे यह विषय परीक्षा की दृष्टि से बहुआयामी बन जाता है।
स्रोत: The Hindu
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