प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**हाल ही में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में भर्ती घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तारियाँ की हैं। ईडी ने सोमवार को निलंबित केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरappa साहूकार और आयोग की सदस्य बी.वी. गीता को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले ईडी ने बंगलुरु के साहूकार के आवास पर छापेमारी की थी। इससे पहले, ईडी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और बिचौलिए बसवराज कन्नाले द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था, जिसमें केपीएससी में भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।**
इस मामले की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लोक सेवा आयोगों में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों और ईडी की भूमिका जैसे विषयों से सीधे जुड़ा है। बैंकिंग परीक्षाओं में ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई, सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नैतिकता जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में भी लोक सेवा आयोगों की भूमिका, भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों और सरकारी संस्थानों में जवाबदेही जैसे विषयों पर प्रश्न बन सकते हैं। यह मामला सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: The Indian Express
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