प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
महानदी बचाओ आंदोलन (एमबीए) ने केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी जल के बंटवारे पर प्रस्तावित रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। इस मांग के पीछे राज्य की दीर्घकालिक जल सुरक्षा, कृषि आवश्यकताओं और पारिस्थितिकी संवहनीयता को लेकर चिंताएं हैं। एमबीए के संयोजक सुधर्शन दास ने कहा कि लोगों को सरकार के निर्णयों से अंधेरे में रखना लोकतंत्र के प्रति जवाबदेही का हनन है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस रिपोर्ट के सभी तकनीकी आकलनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और गणनाओं को सार्वजनिक करने की अपील की है, जिसमें ओडिशा को 24 मिलियन एकड़ फीट और छत्तीसगढ़ को 22 मिलियन एकड़ फीट जल आवंटन का प्रस्ताव शामिल है। संगठन ने बदलते नदी प्रवाह, वर्षा पैटर्न, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और दोनों राज्यों की भविष्य की जल आवश्यकताओं जैसे कारकों पर रिपोर्ट के वैज्ञानिक आधार की भी मांग की है।
यह मुद्दा बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। जल संसाधनों के प्रबंधन और अंतरराज्यीय जल विवादों से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं, जैसे जल विवाद अधिनियम, 1956, अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1976, और सीडब्ल्यूसी की भूमिका। इसके अतिरिक्त, जल सुरक्षा, कृषि विकास और पारिस्थितिकी संतुलन जैसे विषयों पर सरकारी नीतियों और रिपोर्टों का विश्लेषण भी सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछा जा सकता है। इस प्रकार, इस घटना का अध्ययन परीक्षार्थियों को न केवल करेंट अफेयर्स में अपडेट रखेगा, बल्कि उनकी नीति निर्माण और शासन संबंधी समझ को भी मजबूत करेगा।
स्रोत: orissapost.com
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