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विधायक बी. शिवन्ना बने कर्नाटक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अध्यक्ष, जानें प्राथमिकताएं

✎ कर्नाटक में KSPCB अध्यक्ष नियुक्ति राजनीतिक नियुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के बीच विवाद का विषय है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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बेंगलुरु में २८ सितंबर, २०२६ को प्रकाशित ‘द हिंदू’ की एक खबर के अनुसार, कर्नाटक के कांग्रेस विधायक बी. शिवन्ना को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं में झीलों के प्रदूषण को रोकना, बेंगलुरु में वायु प्रदूषण कम करना, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना शामिल बताया है। शिवन्ना ने कहा कि इन मुद्दों पर केंद्रित और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है, जिन्हें वे अपने कार्यकाल के दौरान संबोधित करेंगे। हालांकि, इस नियुक्ति पर पर्यावरणविदों द्वारा योग्यता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि राज्य प्रदूषण बोर्ड के अध्यक्ष के लिए पर्यावरण संरक्षण या उससे संबंधित संस्थानों के प्रशासनिक अनुभव की आवश्यकता होती है।

यह नियुक्ति बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पर्यावरणीय मुद्दों, प्रदूषण नियंत्रण तथा सरकारी नियुक्तियों की पारदर्शिता जैसे विषय शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की भूमिका तथा उनके अध्यक्षों की योग्यता का प्रश्न पर्यावरणीय कानूनों तथा सार्वजनिक नीति के अंतर्गत आता है, जो सामान्य जागरूकता तथा पर्यावरणीय स्थिरता से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। इसके अतिरिक्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग जैसे विषय भी सरकारी योजनाओं तथा पर्यावरणीय नीतियों के अंतर्गत आते हैं, जो परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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