प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूखा राहत पर ध्यान केंद्रित करने के कारण ‘नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना’ की किस्तों के भुगतान में और देरी हो सकती है। राज्य सरकार ने जून 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत प्रति पात्र किसान को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में देने का प्रावधान किया था, जो केंद्र की पीएम किसान योजना के अतिरिक्त था। हालांकि, दिसंबर 2025 से मार्च 2026 और अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 की अवधि की किस्तें अभी तक जारी नहीं की गई हैं। सरकार द्वारा इस देरी का कारण राज्य की वित्तीय स्थिति को बताया जा रहा है, जबकि किसानों को सूखे से राहत देने के लिए 304 तहसीलों में 5,000 रुपये देने की घोषणा की गई है। सूत्रों के अनुसार, इस राहत राशि के लिए ‘नमो योजना’ के फंड का उपयोग किया जा सकता है, जिससे किसानों के बकाया भुगतान पर असर पड़ सकता है।
इस स्थिति में, राज्य सरकार द्वारा ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना’ से ‘नमो योजना’ को जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित ऋण माफी योजना के तहत लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें एक हिस्सा ‘नमो योजना’ से पूरा किया जा सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव से किसानों को मिलने वाली आय सहायता पर प्रभाव पड़ सकता है। बैंकिंग परीक्षाओं के लिए यह मामला राज्य सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और योजनाओं के समन्वय की समझ को परखने का अवसर प्रदान करता है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और उनके वित्तीय प्रबंधन से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को राजनीतिक अर्थव्यवस्था और शासन प्रणाली की गहरी समझ विकसित करनी चाहिए।
स्रोत: The Indian Express
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