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नीति आयोग ने "विकसित भारत@2047 में देखभाल करने वालों को सशक्त बनाने के लिए देखभाल रणनीतियों की पुनर्कल्पना" विषय पर रिपो — concept mind map

✎ India must build a skilled, recognized, and empowered care workforce to meet 2047 goals and global demand.

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Caregiver empowerment plan

Relevance for Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

नीति आयोग द्वारा जारी ‘विकसित भारत@2047 में देखभाल करने वालों को सशक्त बनाने के लिए देखभाल रणनीतियों की पुनर्कल्पना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट देश की देखभाल व्यवस्था को संगठित, पेशेवर और भविष्योन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह रिपोर्ट देखभालकर्ताओं को केंद्र में रखते हुए उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ और किफायती देखभाल सेवाओं के निर्माण पर जोर देती है, जिसमें पेशेवर मान्यता, कार्यबल कल्याण और संस्थागत सहयोग जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। चूंकि देश में देखभाल सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, इसलिए प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं का एक सक्षम कार्यबल विकसित करना आवश्यक बताया गया है, जो न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक स्तर पर भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने इस अवसर पर देखभाल क्षेत्र को भारत के लिए एक ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में स्थापित करने की संभावना पर प्रकाश डाला, जिससे आर्थिक मूल्य सृजन, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

यह रिपोर्ट, जो नीति आयोग के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रभाग द्वारा तैयार की गई है, विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में देखभाल व्यवस्था को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें राष्ट्रीय देखभाल नीति और राष्ट्रीय देखभालकर्ता परिषद की स्थापना की सिफारिश की गई है, जो एक संगठित और पेशेवर देखभाल प्रणाली के निर्माण में सहायक होगी। इसके अलावा, रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व बैंक के सहयोग से देखभाल क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर बल दिया गया है। यह पहल न केवल सामाजिक समावेशन को मजबूत करेगी बल्कि गुणवत्तापूर्ण आजीविका के अवसर भी सृजित करेगी, जिससे बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी इसके बहुआयामी प्रभावों पर सवाल उठाए जा सकते हैं।

Source: PIB (Press Information Bureau)


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