✎ 12 वर्ष की आयु में ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए ओडिशा के सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता सेनानी बाजी राउत का जन्मदिन राज्य स्तर पर मनाया जाता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: History & Culture
**ओडिशा ने स्वतंत्रता सेनानी बाजी राउत की जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की**
ओडिशा सरकार ने 5 अक्टूबर, 2026 को स्वतंत्रता सेनानी बाजी राउत की जन्म जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने मात्र 12 वर्ष की आयु में ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। राज्य के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनके साहस और देश के लिए किए गए बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाजी राउत देश के सबसे कम उम्र के शहीद थे, जिन्होंने अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उनके जीवन से आज के युवाओं को प्रेरणा मिलती है, और राज्य सरकार उनकी स्मृति में कई पहल कर रही है, जैसे उनके गाँव को ‘मॉडल विलेज’ घोषित करना और एक खेल परिसर का निर्माण।
बाजी राउत का जन्म 5 अक्टूबर, 1926 को ओडिशा के ढेंकानाल जिले के नीलकंठपुर गाँव में हुआ था। उन्होंने ‘प्रजामंडल’ आंदोलन के युवा संगठन ‘बनार सेना’ में शामिल होकर ब्रिटिश अधिकारियों का विरोध किया। उनके साहस और देशभक्ति का स्मरण आज भी राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर है। यह घटना संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), एसएससी, आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें राष्ट्रीय आंदोलन, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और राज्य विशेष की सांस्कृतिक धरोहर जैसे विषय शामिल होते हैं। बैंक पीओ और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी ऐसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जो देश की सामाजिक-राजनीतिक चेतना को दर्शाते हैं।
स्रोत: orissapost.com
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