प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
स्कूल मोबाइल फोन और लंबे बालों पर प्रतिबंध लगा सकते हैं, यह कहना केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का है। केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक आदेश जारी कर कहा है कि स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन के उपयोग और बालों की लंबाई पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। आयोग के सदस्य विल्सन एफ. ने कहा कि स्कूल के दौरान छात्रों को मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। यदि माता-पिता की सहमति से कोई फोन लाया जाता है, तो उसे स्कूल प्रबंधन द्वारा बंद कर सुरक्षित रखा जाना चाहिए और स्कूल समाप्त होने तक वापस नहीं दिया जाना चाहिए। मोबाइल फोन का उपयोग स्कूल के दौरान एक गंभीर अनुशासनात्मक उल्लंघन माना जाएगा। आयोग ने कहा कि छात्रों को बालों की सज्जा संबंधी स्कूल के नियमों का पालन करना होगा और इसके लिए समान दिशानिर्देश बनाए जाने चाहिए। शिक्षक छात्रों के बैग की जांच कर सकते हैं ताकि वे हानिकारक वस्तुओं, जिसमें नशीले पदार्थ भी शामिल हैं, को स्कूल में लाने से रोका जा सके, लेकिन उन्हें छात्रों की गरिमा का सम्मान करना होगा। शिक्षकों को अनुशासन बनाए रखते हुए छात्रों को अपमानित नहीं करना चाहिए, मानसिक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए, कक्षा से बाहर नहीं निकालना चाहिए या उन्हें शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं करना चाहिए।
इस आदेश का उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना और छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाना है। आयोग ने चिंता व्यक्त की कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई, आईसीएसई और निजी स्कूलों की तरह प्रवेश के समय माता-पिता और छात्रों से अनुशासन संबंधी लिखित समझौते नहीं लिए जाते। आयोग ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि छात्र स्कूल के नियमों का पालन करें और देश के कानूनों एवं परंपराओं का सम्मान करें। यह आदेश स्कूलों में अनुशासन और बाल अधिकारों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है। शिक्षकों ने इस आदेश का स्वागत किया है। पीस पब्लिक स्कूल, कोट्टक्कल के प्रधानाचार्य एम. जौहर ने इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे शिक्षकों को उन चिंताओं से निपटने में मदद मिलेगी जब वे अनुशासनहीनता या ऐसी हरकतों को देखते हैं जो
स्रोत: The Hindu
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