✎ सेबी व्युत्पन्न निपटान मूल्य गणना में बदलाव कर बाजार पारदर्शिता बढ़ाना चाहता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
सेबी ने एक्सपायरी-दिन पर निपटान मूल्य निर्धारण पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव रखा है तथा एक परामर्श पत्र जारी किया है। बाज़ार नियामक सेबी ने शनिवार को सूचकांक एवं स्टॉक डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी-दिन निपटान मूल्यों की गणना हेतु पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जोकि हाल ही में लागू क्लोजिंग नीलामी सत्र (सीएएस) ढाँचे की समीक्षा के बाद किया गया है। सेबी ने एक परामर्श पत्र में दो विकल्प प्रस्तुत किए हैं—पहला, अंतिम 30 मिनट के निरंतर व्यापार सत्र (सीटीएस) तथा 10 मिनट के सीएएस के दौरान किए गए लेन-देन पर आधारित मिश्रित भारित औसत मूल्य (वीडब्ल्यूएपी), अथवा दूसरा, वर्तमान सीटीएस वीडब्ल्यूएपी पद्धति को जारी रखना। यह प्रस्ताव डेरिवेटिव्स के निपटान हेतु सीएएस-निर्धारित क्लोजिंग मूल्य के उपयोग पर बाज़ार सहभागियों से मिले प्रतिक्रिया के बाद आया है। सेबी ने 3 सितंबर को कहा था कि वह प्रतिक्रिया के आधार पर इस पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव रख सकता है तथा लगभग एक सप्ताह में इस ढाँचे पर एक परामर्श पत्र जारी किए जाने की संभावना व्यक्त की थी। प्रस्तावित बदलाव डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी-दिन निपटान हेतु सीएएस-निर्धारित क्लोजिंग मूल्य के उपयोग से उत्पन्न चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से हैं। सेबी ने हितधारकों से 3 अक्टूबर तक इन प्रस्तावों पर टिप्पणियाँ मांगी हैं।
इस प्रस्ताव का बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंक पीओ एवं आईबीपीएस परीक्षाओं में वित्तीय बाज़ारों, नियामक निकायों तथा डेरिवेटिव्स बाज़ार की कार्यप्रणाली से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहाँ सेबी द्वारा प्रस्तावित यह बदलाव सीधे तौर पर वित्तीय बाज़ार के विनियमन एवं पारदर्शिता से जुड़ा है। एसएससी परीक्षाओं में भी अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय प्रणाली के तत्वों पर आधारित प्रश्न होते हैं
स्रोत: orissapost.com
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