प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएमआईएसटी) ने 27 अक्टूबर, 2026 को चेन्नई में ‘द हिंदू सेमीकंडक्टर समिट 2026’ का आयोजन किया, जिसमें भारत और वैश्विक स्तर के विशेषज्ञ, नीति निर्माता तथा उद्योग जगत के नेता शामिल हुए। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सेमीकंडक्टर तकनीक में नवाचार, उन्नत लिथोग्राफी, टिकाऊ विनिर्माण तथा अगली पीढ़ी की सामग्रियों पर चर्चा करना था। इसमें जर्मनी के महावाणिज्य दूत माइकल हास्पर, एससीएल (एसएमई) के महानिदेशक कमलजीत सिंह तथा एसआरएमआईएसटी के कुलपति सी. मुतमिज़ेलवन सहित प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। यह आयोजन तकनीकी क्रांति के दौर में भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उसकी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सेमीकंडक्टर उद्योग का सीधा संबंध बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं से है, क्योंकि इसका प्रभाव अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, निर्यात तथा तकनीकी नवाचार पर पड़ता है। बैंकिंग क्षेत्र में सेमीकंडक्टर तकनीक का उपयोग डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा तथा भुगतान प्रणालियों में होता है, जबकि सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित एसएससी परीक्षाओं में तकनीकी विकास तथा नीति निर्माण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में भी तकनीकी प्रगति तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े आर्थिक पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। इस प्रकार, इस शिखर सम्मेलन की प्रासंगिकता परीक्षार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्रोत: The Hindu
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