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तेलंगाना में बजट अनुमानों से पीछे राजस्व प्राप्तियां, ₹1.6 लाख करोड़ का अंतर
तेलंगाना: बजट अनुमान बनाम वास्तविक राजस्व प्राप्तियाँबजट अनुमान (₹ लाख करोड़)वास्तविक प्राप्तियाँ (₹ लाख करोड़)2022-232.001.592023-242.001.692024-252.001.67औसत (2022-25)2.001.65
तेलंगाना: बजट अनुमान बनाम वास्तविक राजस्व प्राप्तियाँ

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy

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टेलंगाना सरकार की वास्तविक राजस्व प्राप्तियाँ बजट अनुमानों से काफी पीछे चल रही हैं, जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों से स्पष्ट होता है। आरबीआई ने राज्यों के लिए Ways and Means Advances (WMA) सीमा बढ़ाने संबंधी सिफारिशों में शामिल करते हुए लगातार तीन वित्तीय वर्षों 2022-25 के राजस्व प्राप्तियों का विश्लेषण किया है। तेलंगाना में 2022-23 में राजस्व प्राप्तियाँ ₹1.59 लाख करोड़, 2023-24 में ₹1.69 लाख करोड़ और 2024-25 में ₹1.67 लाख करोड़ रही, जबकि बजट अनुमानों में इन वर्षों के लिए क्रमशः ₹1.93 लाख करोड़, ₹2.16 लाख करोड़ और ₹2.21 लाख करोड़ का लक्ष्य रखा गया था। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार की राजस्व प्राप्तियाँ बार-बार अनुमानों से काफी कम रही हैं। विशेष रूप से, अनुदान एवं योगदान (Grants-in-Aid & Contributions) और गैर-कर राजस्व जैसे प्रमुख मदों में अनुमानों और वास्तविक प्राप्तियों के बीच बड़ी खाई देखी गई है। उदाहरण के लिए, 2022-23 में अनुदान एवं योगदान के रूप में प्राप्तियाँ ₹13,179 करोड़ रही, जबकि अनुमान ₹41,002 करोड़ था। इसी प्रकार, गैर-कर राजस्व में भी 2022-23 में ₹23,608 करोड़ की प्राप्ति हुई, जबकि अनुमान ₹35,208 करोड़ था। यह स्थिति राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य और बजटीय अनुशासन पर सवाल उठाती है, जिससे बैंकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है।

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इस विषय का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इसलिए है क्योंकि यह राजकोषीय नीति, राजस्व संग्रहण, बजटीय अनुमानों की सटीकता और राज्य वित्त आयोग जैसे मुद्दों से सीधे जुड़ा है। बैंकिंग परीक्षाओं में राजस्व प्राप्तियों में कमी का राज्य सरकारों की ऋण आवश्यकताओं, WMA सीमा और राजकोषीय घाटे पर प्रभाव पड़ता है, जो प्रत्यक्ष रूप से बैंकिंग प्रणाली की तरलता और सरकारी प्रतिभूतियों की मांग को प्रभावित करता है। एसएससी परीक्षाओं में भी इस विषय से संबंधित प्रश्न राजस्व विभाग, कर संग्रहण और सरकारी बजट प्रक्रिया जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा के लिए यह विषय राजकोषीय संघवाद, राज्य वित्त आयोग की भूमिका और राजस्व प्राप्तियों के अनुमानों में सुधार के उपायों जैसे विषयों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, यह विषय न केवल आर्थिक विश्लेषण के लिए बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।

स्रोत: The Hindu


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