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केरल उच्च न्यायालय ने मंदिरों के हाथी जुलूस पंजीकरण हेतु समय सीमा बढ़ाने से किया इनकार
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केरल उच्च न्यायालय बनाम सर्वोच्च न्यायालय

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture

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केरल उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए पंजीकरण की समय-सीमा को न तो उच्च न्यायालय और न ही राज्य सरकार बढ़ा सकती है। यह निर्णय श्री मनाथला शिव-पार्वती मंदिर के ट्रस्टी और अध्यक्ष द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया, जिसमें मंदिर को हाथी जुलूस निकालने की अनुमति देने तथा जिला समिति में पंजीकरण कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने अगस्त 2015 में मंदिरों एवं देवस्वामियों को छह सप्ताह के भीतर जिला समिति में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था, किंतु मंदिर प्रशासन ने इस समय-सीमा का पालन नहीं किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा का अतिक्रमण करना उचित नहीं है, चाहे वह उच्च न्यायालय द्वारा हो या सरकार द्वारा।

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यह मामला कला एवं संस्कृति के साथ-साथ प्रशासनिक कानून एवं न्यायिक प्रक्रिया के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह प्रासंगिक है क्योंकि इसमें कानूनी प्रक्रिया, समय-सीमा का पालन तथा प्रशासनिक निर्णयों के प्रति न्यायपालिका की दृष्टि शामिल है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे मामलों से संबंधित प्रश्न सामान्य ज्ञान एवं करेंट अफेयर्स अनुभाग में पूछे जा सकते हैं, जहाँ कानूनी प्रावधानों एवं न्यायिक निर्णयों की समझ की परीक्षा ली जाती है।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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