✎ वन संसाधनों के प्रमाणीकरण से पारिस्थितिकी संतुलन और आर्थिक लाभ दोनों सुनिश्चित होते हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने हाल ही में भारतीय वन एवं लकड़ी प्रमाणीकरण योजना (Indian Forest and Wood Certification Scheme – IFWCS) के तहत देश के पहले प्रमाण पत्र (PRAMAAN) प्रदान किए। ये प्रमाण पत्र आंध्र प्रदेश वन विकास निगम तथा ओडिशा के एक बांस किसान को दिए गए, जो देश में वन संसाधनों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य वन उत्पादों की गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना है, जो वैश्विक व्यापार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ाएगा।
यह पहल बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें वन संसाधनों के सतत उपयोग, पर्यावरणीय शासन तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणीकरण जैसे विषय शामिल हैं, जो सरकारी नीतियों, आर्थिक विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने पर केंद्रित हैं। इसके अतिरिक्त, यह योजना वन आधारित उद्योगों, कृषि-वानिकी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होगी, जो परीक्षाओं में पूछे जाने वाले करेंट अफेयर्स तथा पर्यावरणीय कानूनों से संबंधित प्रश्नों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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