प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: History & Culture
वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती पर एक इतिहासकार बताते हैं कि कैसे वे ‘सरदार’ बने। आरंभ में पटेल अनेक सत्याग्रहों और ध्वज मार्चों के नेता थे, जिनकी संगठनात्मक क्षमता ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि दिलाई। 1920 के असहयोग आंदोलन के दौरान पटेल ने गुजरात (तत्कालीन राज्य) को नई राजनीतिक दिशा दी। गांधीजी ने उन्हें ‘अप-सेनापति’ कहकर उनकी असाधारण प्रबंधन कुशलता का उल्लेख किया था।
गुजरात में पटेल की बढ़ती लोकप्रियता का परिणाम था कि 1920 के नागपुर अधिवेशन में उन्हें गुजरात प्रांतीय समिति का अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने 1923 में नागपुर में ध्वज सत्याग्रह का नेतृत्व किया, जिससे उनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी। 1928 के बारडोली सत्याग्रह में उनकी ‘सरदार’ की भूमिका ने उन्हें अखिल भारतीय नेता के रूप में स्थापित किया। यह इतिहास और संस्कृति का विषय बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय आंदोलन, नेतृत्व और प्रशासनिक कौशल जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: The Indian Express
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