प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार ने अंतर्देशीय लघु मत्स्य पालन के लिए एक नई राष्ट्रीय कार्य योजना (एनपीओए) के विकास चरण में प्रवेश कर लिया है, जिसका उद्देश्य मछुआरों की आजीविका में सुधार, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और मीठे जल मत्स्य पालन को व्यवस्थित करना है। केंद्रीय मत्स्य सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने भोपाल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान इस पहल की शुरुआत की, जिसमें मत्स्य पालन संस्थानों, विशेषज्ञों और हितधारकों ने मिलकर जल निकायों, नदियों, झीलों और आर्द्रभूमियों में सतत मत्स्य पालन के लिए एक रूपरेखा तैयार की। यह योजना संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सहयोग से बनाई जा रही है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, ऑक्सीजन स्तर में गिरावट और मछुआरों की आय वृद्धि जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में तीन करोड़ टन मछली उत्पादन और 1.25 लाख करोड़ रुपये के समुद्री खाद्य निर्यात को प्राप्त करना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
यह राष्ट्रीय कार्य योजना बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकार की कृषि एवं ग्रामीण विकास नीति, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और आर्थिक सुधारों के प्रति दृष्टिकोण का पता चलता है। बैंकिंग परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न मत्स्य पालन क्षेत्र के वित्तपोषण, ग्रामीण रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में पर्यावरणीय स्थिरता और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर आधारित प्रश्नों के लिए यह उपयोगी होगा। आरबीआई ग्रेड बी में इस तरह की पहलों का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, कृषि क्षेत्र के ऋण प्रवाह और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रश्नों के माध्यम से मूल्यांकन किया जा सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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