✎ डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर दबाव, खाद्य एवं ईंधन प्रमुख कारण।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
**डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 9.92% हुई, खाद्य, ईंधन और निर्मित वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण**
सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 9.92% हो गई, जो जुलाई के 9.78% से अधिक है। इसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों, निर्मित वस्तुओं और ईंधन एवं बिजली की कीमतों में वृद्धि है। निर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति 8.37% तक पहुंच गई, जबकि ईंधन और बिजली के बास्केट में यह 22.93% रही। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2026 में खनिज तेल, खाद्य पदार्थ, रासायनिक उत्पादों और मूल धातुओं के निर्माण जैसे क्षेत्र मुद्रास्फीति के प्रमुख कारक रहे। इस साल की शुरुआत से ही डब्ल्यूपीआई में वृद्धि का कारण पश्चिम एशिया में युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने से कच्चे तेल और उर्वरक की वैश्विक कीमतों में वृद्धि रही है, जिसका प्रभाव खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ा।
यह मुद्रास्फीति बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ और आईबीपीएस परीक्षाओं में मुद्रास्फीति के प्रकार, उसके कारण और प्रभाव पर सवाल पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में आर्थिक सर्वेक्षण और सरकारी नीतियों से संबंधित प्रश्नों के लिए यह उपयोगी है। आरबीआई ग्रेड बी में मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति और उसके प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जहां यह डेटा नीति निर्माताओं के दृष्टिकोण को समझने में सहायक होगा।
स्रोत: orissapost.com
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