प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**केन्द्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में न्यायिक ढांचा तैयार करने के लिए केन्द्र का समर्थन जारी**
विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केन्द्र सरकार आंध्र प्रदेश में न्यायिक ढांचे के विकास के लिए केन्द्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के अंतर्गत सहायता प्रदान कर रही है। यह योजना वर्ष 1993-94 से लागू है और इसके तहत न्यायालय कक्ष, न्यायिक अधिकारियों के आवास, अधिवक्ताओं के हॉल, शौचालय परिसर तथा डिजिटल कंप्यूटर कक्ष जैसी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाता है। योजना की प्रभावशीलता का मूल्यांकन तृतीय-पक्ष एजेंसी तथा विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति द्वारा किया जाता है। आंध्र प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8.79 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी की गई है, जबकि योजना की समाप्ति तिथि को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आँकड़ों के अनुसार, नेल्लोर सहित विभिन्न जिलों में न्यायालय अवसंरचना के निर्माण हेतु पिछले पांच वर्षों में कुल 104.29 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न न्यायिक जिलों में कुल 875 स्वीकृत पदों में से 137 पद रिक्त हैं, जो न्यायिक सेवा में मानव संसाधन की कमी को दर्शाता है।
**प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्व**
बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित प्रश्न सामान्य ज्ञान एवं करेंट अफेयर्स के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं। विशेष रूप से, केन्द्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) की संरचना, उद्देश्य तथा कार्यान्वयन प्रक्रिया पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, न्यायिक ढांचे के विकास हेतु राज्य एवं केन्द्र सरकार की भूमिका, योजना के घटक तथा वित्तीय आवंटन जैसे तथ्य
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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