✎ आरबीआई द्वारा प्रस्तावित पूंजी पर्याप्तता संबंधी दिशानिर्देश बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 7 अगस्त, 2026 को “भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – पूंजी पर्याप्तता पर सावधानी संबंधी मानदंड) ग्यारहवाँ संशोधन निर्देश, 2026” का मसौदा जारी किया है। इस मसौदे के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र में पूंजी पर्याप्तता से जुड़े नियमों में संशोधन किया जा रहा है, विशेष रूप से लीवरेज अनुपात फ्रेमवर्क (लीवरेज रेशियो 2017 मानक) को लागू करने के उद्देश्य से। यह फ्रेमवर्क बेसल कमेटी ऑन बैंकिंग सुपरविजन द्वारा निर्धारित नवीनतम मानकों के अनुरूप है। आरबीआई ने इस मसौदे पर 28 अगस्त, 2026 तक सार्वजनिक टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं, जिन्हें आरबीआई की वेबसाइट के ‘कनेक्ट टू रेगुलेट’ अनुभाग के माध्यम से या सीधे पत्र/ईमेल द्वारा भेजा जा सकता है।
यह संशोधन बैंकिंग परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में पूंजी पर्याप्तता और जोखिम प्रबंधन के मानकों में बदलाव से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, लीवरेज अनुपात फ्रेमवर्क के माध्यम से बैंकों की वित्तीय स्थिरता और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन किया जाता है, जो आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है। एसएससी परीक्षाओं में भी अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय प्रणाली से संबंधित प्रश्नों में इस प्रकार के सुधारों का उल्लेख किया जा सकता है।
स्रोत: RBI
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