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**नोट:**

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने 21 दिसंबर, 2024 को अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, मिशन क्रियान्वयन और अनुसंधान प्रयोगों से संबंधित गतिविधियों में सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते पर इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ और ईएसए के महानिदेशक डॉ. जोसेफ एशबैकर ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता मानव अंतरिक्ष अन्वेषण और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोगात्मक गतिविधियों के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, प्रयोग विकास और एकीकरण में समर्थन, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर ईएसए सुविधाओं का उपयोग, मानव और जैव चिकित्सा अनुसंधान प्रयोगों का क्रियान्वयन तथा संयुक्त शिक्षा और आउटरीच गतिविधियाँ शामिल हैं। आगामी एक्सिओम-4 मिशन, जिसमें इसरो के गगनयात्री और ईएसए के अंतरिक्ष यात्री चालक दल के सदस्य होंगे, दोनों एजेंसियाँ भारतीय मुख्य अन्वेषकों द्वारा आईएसएस पर चयनित प्रयोगों को लागू करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। इसके अलावा, ईएसए के मानव शरीर विज्ञान अध्ययन, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन प्रयोगों तथा संयुक्त शैक्षिक आउटरीच गतिविधियों में भी भागीदारी की जा रही है।

डॉ. सोमनाथ ने अपने वक्तव्य में बताया कि इसरो ने मानव अंतरिक्ष उड़ान गतिविधियों के लिए एक रोडमैप तैयार किया है तथा भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) की हाल ही में स्वीकृति से मानव अंतरिक्ष उड़ान प्लेटफार्मों के बीच अंतरसंचालनीयता विकसित करने का अवसर मिला है। डॉ. एशबैकर ने डॉ. सोमनाथ को ईएसए परिषद में भाषण देने के लिए धन्यवाद दिया तथा बताया कि यह समझौता दोनों एजेंसियों के बीच सहयोग का एक मजबूत आधार प्रदान करता है। दोनों एजेंसियों के नेतृत्व ने आगामी एक्सिओम-4 मिशन के लिए संयुक्त गतिविधियों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा भविष्य में

स्रोत: ISRO


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