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उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने ईटानगर में दिव्यांग बच्चों के लिए डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया — labelled illustration

✎ दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास से आत्मनिर्भरता और समावेशी समाज का निर्माण होता है।

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उप राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 9 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित चिम्पू में स्थित डोनी-पोलो मिशन स्कूल का दौरा किया, जो सुनने, देखने और बौद्धिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाया गया है। इस दौरान उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से संवाद किया तथा संस्थान के विभिन्न गतिविधि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उप राष्ट्रपति ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘वंदे मातरम’ के गायन से अत्यंत भावुक होकर कहा कि इससे उन्हें देशभक्ति की गहरी अनुभूति हुई। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि कभी भी किसी को अपने सपनों की सीमा तय न करने दें, क्योंकि हर व्यक्ति अनोखा होता है और उसमें प्रतिभा होती है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल उपकरण और सहायक तकनीकों के माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया तथा ऐसे संस्थानों को ‘विकसित भारत @ 2047’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।

इस अवसर पर उप राष्ट्रपति ने अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा डोनी-पोलो मिशन स्कूल के संचालन में किए गए प्रयासों की सराहना की तथा राज्यपाल, मुख्यमंत्री पेमा खांडू सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में स्कूल के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के पालन-पोषण में शिक्षकों और माता-पिता द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका की भी सराहना की। इस दौरे के दौरान उन्होंने राज्य संग्रहालय का भी दौरा किया तथा अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध मानव जाति विज्ञान संबंधी विरासत को संरक्षित करने में इसकी भूमिका की प्रशंसा की। यह घटना राष्ट्रीय एकता, समावेशिता और तकनीकी नवाचार के महत्व को रेखांकित करती है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में ‘शासन व्यवस्था’, ‘समावेशी विकास’ और ‘तकनीकी प्रगति’ जैसे विषयों के अंतर्गत पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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