✎ ग्लोबल साउथ देशों के बीच रणनीतिक सहयोग से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने 25 सितंबर, 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट प्रोग्राम (IN-STEP)’ के चौथे संस्करण में 22 विकासशील देशों के 25 प्रतिनिधियों सहित 38 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वैश्विक सुरक्षा और विकास संबंधी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के बीच बेहतर रणनीतिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने तकनीक, साइबरस्पेस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ी चुनौतियों के प्रति सामूहिक प्रतिक्रिया देने की अपील करते हुए तीन सिद्धांतों—’वैश्विक स्तर पर सोचें, रणनीतिक रूप से जुड़ें और एकजुट होकर काम करें’—पर जोर दिया। उपराष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार के खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला, जिससे विकासशील देशों में सुशासन और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिल सके।
यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी प्रगति और सुशासन जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो समसामयिक मामलों और नीति निर्माण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के साथ रणनीतिक सहयोग भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान उठाए गए वैश्विक मुद्दों के अनुरूप है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक नीति निर्माण के प्रश्नों में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार विरोधी प्रयास और तकनीकी नवाचार मानव कल्याण से जुड़े मुद्दे हैं, जो परीक्षाओं में नीति निर्माण, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और आर्थिक विकास जैसे विषयों के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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