प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
भारत सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के माध्यम से ₹10,371.92 करोड़ के परिव्यय वाले ‘इंडिया एआई मिशन’ को लागू किया है। इस मिशन के सात स्तंभों में एआई कंप्यूट क्षमता, नवाचार केंद्र, डेटासेट प्लेटफॉर्म, अनुप्रयोग विकास, भविष्य कौशल, स्टार्टअप वित्तपोषण तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई शामिल हैं। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में एआई के लाभों को लोकतांत्रिक बनाना तथा एमएसएमई सहित सभी क्षेत्रों में उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। सरकार नीति आयोग के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (OOMF) तथा उद्योग एवं अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से एमएसएमई में डिजिटल अपनाने की सीमा का नियमित आकलन भी करती है।
इस पहल का बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में एमएसएमई को ऋण देने, डिजिटल लेन-देन तथा वित्तीय समावेशन में एआई एवं डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में सरकारी योजनाओं, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा नीति आयोग के ढांचे जैसे विषयों पर आधारित प्रश्नों की संभावना है। आरबीआई ग्रेड बी में एआई के माध्यम से वित्तीय समावेशन, जोखिम मूल्यांकन तथा नीति निर्माण से संबंधित प्रश्नों की प्रबल संभावना है। इस प्रकार, यह विषय परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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