
✎ स्माइल योजना वंचित वर्गों के पुनर्वास एवं समावेशन के माध्यम से समाज के मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने हेतु केंद्रित प्रयास है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सरकार ने ‘स्माइल’ योजना के माध्यम से व्यापक पुनर्वास और सामाजिक समावेशन को मजबूत किया है, जिसका उद्देश्य हाशिये पर रहने वाले वर्गों—जैसे भिखारी, ट्रांसजेंडर समुदाय और अन्य वंचित समूहों—के लिए पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और आजीविका सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत दो प्रमुख घटक शामिल हैं: पहला, भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास, जिसमें उनकी पहचान, चिकित्सा सुविधाएं, काउंसलिंग, शिक्षा और कौशल विकास शामिल हैं; दूसरा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए ‘गरिमा गृह’ स्थापित करना, जिसमें आश्रय, स्वास्थ्य सेवा, पहचान पत्र, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर शामिल हैं। सरकार द्वारा ‘स्माइल-बेगरी’ पोर्टल और ‘राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल’ के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान और पुनर्वास की निगरानी की जा रही है, जिसमें अब तक 42,589 व्यक्तियों की पहचान और 12,710 का पुनर्वास किया जा चुका है, जबकि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए 33,303 पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य सामाजिक न्याय और अधिकारिता को सुनिश्चित करते हुए इन वर्गों को मुख्यधारा में पुनः स्थापित करना है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हो सके।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि यह सरकारी योजनाओं, सामाजिक न्याय, पुनर्वास नीतियों और समावेशी विकास जैसे विषयों पर केंद्रित है। बैंक पीओ और एसबीआई परीक्षाओं में योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट आवंटन और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में समाज कल्याण योजनाओं के आर्थिक निहितार्थों पर ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा, एसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी पहलों के तहत लाभार्थियों की संख्या, पोर्टलों और संस्थागत व्यवस्थाओं जैसे तथ्यों पर आधारित प्रश
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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