
✎ अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से 19,216.46 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिला है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्र सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023-24 से 2025-26) में अनुसूचित जाति (एससी) के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत कुल 19,216.46 करोड़ रुपये का वितरण किया है। इसमें मुख्य रूप से मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति (17,224.63 करोड़ रुपये), प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (1,469.92 करोड़ रुपये), उच्च स्तरीय शिक्षा योजना (304.29 करोड़ रुपये) और राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (217.62 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान कर रही है, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। छात्रवृत्ति वितरण में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आधार-आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे विलंब जैसी समस्याओं में कमी आई है। सरकार ने राज्यों को तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और नियमित समीक्षा के माध्यम से इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया है।
इस विषय का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक है, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), केंद्र प्रायोजित योजनाओं एवं सामाजिक न्याय से संबंधित अवधारणाओं पर प्रकाश डाला गया है। बैंकिंग परीक्षाओं में डीबीटी प्रणाली, वित्तीय समावेशन और सरकारी सब्सिडी के प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी में केंद्र-राज्य संबंध, योजनाओं का वित्तीय आवंटन और सामाजिक कल्याण नीतियों से जुड़े प्रश्नों की संभावना रहती है। इसके अतिरिक्त, इस विषय से संबंधित तथ्यात्मक आंकड़े (जैसे 19,216.46 करोड़ रुपये का वितरण) भी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी में सहायता मिलेगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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