✎ केंद्र द्वारा ग्राम पंचायतों को धन न मिलने से कर्नाटक में वित्तीय संकट गहरा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
कर्नाटक के ग्राम पंचायतों को केंद्र सरकार की ओर से 2,186.20 करोड़ रुपये की बकाया राशि मिलने में देरी से राज्य की ग्राम पंचायतों पर वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज मंत्री एस्वर खंडे ने राज्य विधान परिषद में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित इस राशि को 2025-2026 के लिए जारी नहीं किया गया है, जिससे राज्य की 5,927 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तकनीकी कारणों का हवाला दे रही है, जबकि अन्य राज्यों में इसी तरह की तकनीकी समस्याओं के बावजूद धनराशि जारी की गई है। मंत्री ने बताया कि बेंगलुरु के आसपास की ग्राम पंचायतों को छोड़कर राज्य के उत्तरी और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र की अधिकांश पंचायतों को वार्षिक 20 लाख से 40 लाख रुपये तक का ही अनुदान मिलता है, जिससे उनके सामने जल संकट और कृषि संकट जैसे मुद्दे और गंभीर हो गए हैं।
इस मुद्दे की प्रासंगिकता बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच वित्तीय विवादों के संदर्भ में यह मामला संघवाद और वित्तीय संघर्ष के अध्ययन का एक प्रमुख उदाहरण है, जो परीक्षाओं में राजनीति विज्ञान तथा अर्थशास्त्र के प्रश्नों में पूछा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था तथा वित्त आयोग की अनुशंसाओं के कार्यान्वयन जैसे विषय भी परीक्षा के दृष्टिकोण से प्रासंगिक हैं। इसके माध्यम से अभ्यर्थियों को केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा प्रशासनिक चुनौतियों की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
स्रोत: The Hindu
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