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KPSC ‘scam’: CID arrests key middleman, reportedly associated with BJP — labelled illustration

✎ कर्नाटक पीएससी भर्ती घोटाले में बिचौलिए और अधिकारियों की गिरफ्तारी से राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद बढ़ा है।

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**कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) घोटाले में सीआईडी ने बीजेपी से जुड़े मिडिलमैन को गिरफ्तार किया**

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में हुए कथित घोटाले की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने सोमवार को दिल्ली से बासवराज कन्नले नामक एक प्रमुख मध्यस्थ को गिरफ्तार किया। कन्नले को बीजेपी से जुड़े स्थानीय नेता के रूप में बताया जा रहा है, जो भालकी, बीदर जिले से हैं। उन्हें इस घोटाले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। सीआईडी ने इससे पहले रविवार को ही केपीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को भी गिरफ्तार किया था। दोनों को सोमवार को एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कन्नले पर आरोप है कि उन्होंने उम्मीदवारों और प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई, जिससे सरकारी पदों पर नियुक्तियां सुनिश्चित हुईं। सीआईडी द्वारा उनकी संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है, जिनकी राशि करोड़ों रुपये बताई जा रही है।

यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमाया हुआ है, क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने केपीएससी घोटाले को बीजेपी के कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है, जबकि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने गृह मंत्री प्रियांक खारगे पर इस मामले में निशाना साधा है। यह घोटाला न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार का मामला है, बल्कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दे को भी उठाता है। बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों और प्रशासनिक सुधारों जैसे विषयों पर प्रश्न उठ सकते हैं। साथ ही, इससे उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों

स्रोत: The Hindu


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