✎ बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा के लिए परिवार, समाज और कानून तीनों की भूमिका आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
केरल राज्य महिला आयोग ने बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। आयोग की अध्यक्ष पी. सतीदेवी ने कहा कि परिवारों द्वारा संपत्ति का बंटवारा करने के बाद बुजुर्ग महिलाओं को अक्सर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गावस्था में महिलाओं को प्रेम और देखभाल की आवश्यकता होती है, लेकिन समाज में उनके साथ ऐसा व्यवहार स्वस्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से सक्षम होने के बावजूद भी बुजुर्ग महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा का अभाव रहता है। इसके साथ ही साइबर अपराधों का शिकार होने और अकेले रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि शराब और नशे के कारण परिवारों में उत्पन्न होने वाले तनाव से महिलाओं को सुरक्षा का खतरा रहता है। साथ ही, घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत न्यायालय के आदेशों को लागू कराने के लिए जब महिलाएं पुलिस के पास जाती हैं, तो उनके मामलों को कभी-कभी “पारिवारिक मामला” कहकर खारिज कर दिया जाता है। आयोग की बैठक में कुल ५० शिकायतों पर विचार किया गया, जिनमें से छह का निपटारा किया गया, एक को कानूनी सहायता के लिए भेजा गया और छह मामलों में पुलिस तथा अन्य विभागों से रिपोर्ट मांगी गई।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों की सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े कानूनों का ज्ञान आवश्यक है, जैसे कि बुजुर्गों एवं महिलाओं के अधिकारों से संबंधित प्रावधान। एसएससी परीक्षाओं में समाज कल्याण, कानून एवं नीति निर्माण जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, जहां इस प्रकार के मुद्दों की समझ महत्वपूर्ण होती है। आरबीआई ग्रेड बी में सामाजिक-आर्थिक मुद्दों एवं नीति निर्माण पर प्रश्न आते हैं, जिनमें बुजुर्गों एवं महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल होते हैं। इस प्रकार, यह विषय परोक्ष रूप से इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम से जुड़ा हुआ है।
स्रोत: The Hindu
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