✎ सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण योजना से ऊर्जा सुरक्षा एवं आयात निर्भरता में कमी आएगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 37,500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू कोयला और लिग्नाइट संसाधनों से सिनगैस, मेथनॉल, अमोनिया तथा यूरिया जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इसके तहत 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50,000 रोजगार सृजन की संभावना है, जो 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करने के सरकारी लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक होगा। कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित रोड शो, पूर्व-आवेदन सम्मेलन और निरंतर हितधारक संपर्क के बावजूद कुछ मीडिया रिपोर्टों में योजना के प्रति उदासीनता का दावा किया गया, जिसे मंत्रालय ने खारिज करते हुए बताया कि आवेदन प्रक्रिया अभी जारी है और पहली विंडो 7 सितंबर 2026 तक खुली रहेगी।
इस पहल की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकारी योजनाओं, ऊर्जा नीति तथा आर्थिक सुधारों पर आधारित प्रश्न इन परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। इस योजना से ऊर्जा सुरक्षा, स्वदेशी संसाधनों का उपयोग, आयात प्रतिस्थापन तथा रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर समझ विकसित होती है, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक हैं। इसके अतिरिक्त, कोयला मंत्रालय द्वारा चलाए गए जन-जागरूकता अभियान तथा आवेदन प्रक्रिया की निरंतरता जैसे बिंदु भी शासन प्रणाली तथा प्रशासनिक सुधारों के अध्याय में शामिल किए जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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