✎ गुरुदास अप्पाराव की साहित्यिक विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: History & Culture
गुरुदेव गुराजादा अप्पाराव की रचनाओं से पीढ़ियाँ प्रेरित होती रहेंगी, ऐसा केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने उनके १६४वें जन्मदिन पर कहा। उन्होंने कहा कि ‘कन्याशुल्कम’ सहित उनकी अन्य साहित्यिक कृतियाँ समाज की समस्याओं और मानवीय भावनाओं को उजागर करने के कारण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। विजयनगरम में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्रीनिवास, विधायक आदिति विजयalak्श्मी गजपति राजू और संयुक्त कलेक्टर सेधु माधवन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गुरुदेव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एक रैली निकाली गई, जिसमें उनके साहित्यिक योगदान को रेखांकित किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार ने उनके जन्मदिन को राज्योत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की है और राज्य भर में उत्सव आयोजित किए गए हैं। उन्होंने गुरुदेव अप्पाराव के विचारों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर भी बल दिया।
गुरुदेव अप्पाराव के परिवार के सदस्यों गुरुदेव वेंकटेश्वर प्रसाद और गुरुदेव इंदिरा तथा टीडीपी नेता प्रसादुल वैरालक्ष्मी प्रसाद, अवनापु विजय सहित लोक सत्ता पार्टी के राज्य अध्यक्ष भिषेट्टी बाबजी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। सांस्कृतिक संगठनों ने उनके घर के पास एक ऑडिटोरियम बनाने की मांग भी उठाई। यह स्मरणीय है कि गुरुदेव अप्पाराव आधुनिक तेलुगु साहित्य के जनक माने जाते हैं और उनकी रचनाओं में सामाजिक सुधार एवं मानवीय मूल्यों का समावेश रहा है। बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारतीय साहित्य एवं संस्कृति के विकास, सामाजिक सुधार आंदोलनों तथा राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। साथ ही, सरकारी योजनाओं, राज्योत्सवों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
स्रोत: The Hindu
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