✎ डीआरडीओ-उद्योग सहयोग से एमएसएमई/स्टार्ट-अप को रक्षा विनिर्माण में सशक्त बनाकर भारत को वैश्विक केंद्र बनाने का प्रयास।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘विमर्श’ डीआरडीओ-उद्योग सहयोग बैठक में शुरू की गई प्रमुख नीतिगत पहलों का उद्देश्य एमएसएमई और स्टार्ट-अप उद्यमों को रक्षा क्षेत्र में सक्रिय रूप से शामिल करना है। इन पहलों में तकनीकी एवं वित्तीय बाधाओं को दूर करने, डीआरडीओ की परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करने तथा लाइसेंसधारी उद्योगों के साथ सॉफ्टवेयर सोर्स कोड साझा करने हेतु एक सुरक्षित ढांचा शामिल है। इसके अतिरिक्त, 13 विनिर्माण भागीदारों को नौ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण लाइसेंसिंग समझौते सौंपे गए तथा एसआईडीएम और लघु उद्योग भारती के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया, जिससे उद्योग की भागीदारी का विस्तार हुआ। इन कदमों से भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
यह घटनाक्रम बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी नीतियों, स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा रक्षा विनिर्माण जैसे विषय शामिल हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न पूंजीगत व्यय, स्टार्ट-अप फंडिंग, एमएसएमई के लिए सरकारी योजनाओं तथा रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका से जुड़े हो सकते हैं। एसएससी में इसे नीति निर्माण, सरकारी पहलों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा सकता है, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में इसका संबंध आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार तथा रक्षा निर्यात से हो सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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