✎ निर्वाचन आयोग में पारदर्शिता और सहमति जरूरी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभ्यास पर रोक लगाने की भी मांग की है। यह मांग मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर उठाई गई है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि निर्णय अन्य दो निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों को ध्यान में रखे बिना लिए गए। स्टालिन ने कहा कि चुनाव आयोग एक तीन सदस्यीय निकाय है, जहां निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए। यदि दो सदस्य भी किसी मामले पर अनजान रहें, तो यह भारतीय लोकतंत्र पर गंभीर हमला है। उन्होंने एसआईआर अभ्यास में हुई अनियमितताओं पर भी सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है, क्योंकि इससे कई राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर संदेह उत्पन्न हो गया है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषय शामिल हैं, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जा सकते हैं। साथ ही, चुनाव सुधारों, संवैधानिक निकायों की भूमिका और राजनीतिक हस्तक्षेप के निहितार्थ भी परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। स्टालिन द्वारा उठाए गए आरोपों से स्पष्ट होता है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना कितना आवश्यक है, जो सरकारी नौकरी परीक्षाओं के लिए एक प्रमुख विषय है।
स्रोत: The Hindu
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