✎ डीडीयू-जीकेवाई ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत चलाई जा रही एक प्रमुख कौशल विकास पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उद्योग-संचालित कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 18.45 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 12.35 लाख अभ्यर्थियों को रोजगार मिल चुका है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के नवीन दिशा-निर्देशों में उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप ईवी रखरखाव, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य और मीडिया जैसे उभरते क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त, योजना में नियोजन पश्चात सहायता, कौशल उन्नयन और पुनर्कौशलन के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना हेतु 750 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
डीडीयू-जीकेवाई का कार्यान्वयन बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कौशल विकास और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों से सीधे जुड़ा हुआ है। बैंकिंग क्षेत्र में इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की जा सकती है, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में शामिल शासन व्यवस्था, गरीबी उन्मूलन और कौशल विकास जैसे मुद्दों के संदर्भ में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत उद्योग-संचालित
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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