
✎ उप-चुनावों में स्टार प्रचारकों की सूची में केवल अपने दल के नेताओं को शामिल करना कानूनी अनिवार्यता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
टमिलनाडु में उपचुनावों के दौरान डीएमके ने चुनाव आयोग से टीवीके द्वारा अन्य दलों के नेताओं को अपने स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल करने पर आपत्ति जताई है। डीएमके के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) के अनुसार, किसी राजनीतिक दल द्वारा केवल अपने ही नेताओं को स्टार प्रचारक के रूप में नामित किया जा सकता है, न कि दूसरे दलों के नेताओं को। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा करने से चुनाव खर्च में अनुचित लाभ मिलता है, जिससे चुनावी निष्पक्षता प्रभावित होती है। डीएमके ने आयोग से टीवीके की इस सूची को रद्द करने और अन्य दलों के नेताओं द्वारा किए गए प्रचार खर्च को संबंधित उम्मीदवारों के चुनाव व्यय में शामिल करने का निर्देश देने की मांग की है।
यह मुद्दा बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें चुनाव आयोग की भूमिका, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराएं, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और चुनाव व्यय के नियम शामिल हैं। परीक्षा में ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं जो चुनावी प्रक्रिया, राजनीतिक दलों के गठबंधन और चुनावी सुधारों से संबंधित हों। इसके अतिरिक्त, आरबीआई ग्रेड बी के लिए यह जानकारी आर्थिक नीतियों और चुनावी खर्च के प्रभाव को समझने में सहायक हो सकती है, जबकि एसएससी के लिए यह राजनीतिक व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों के अध्ययन में उपयोगी साबित होगी।
स्रोत: The Hindu
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