✎ दिल्ली पीजी में अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और लेआउट स्वीकृति की कमी गंभीर चिंता का विषय है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि राजधानी दिल्ली के 99 प्रतिशत पीजी आवासों के पास दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) से फायर एनओसी नहीं है, जबकि लगभग 30 प्रतिशत पीजी भवनों के पास लेआउट अप्रूवल तक नहीं है। सर्वेक्षण में शामिल 2,453 पीजी भवनों में से केवल 31 (1.2 प्रतिशत) के पास ही डीएफएस से एनओसी है, जबकि मात्र 726 भवनों (करीब 30 प्रतिशत) के निर्माण योजनाओं को ही मंजूरी मिली है। केवल आठ भवनों के पास ही स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट है। यह सर्वेक्षण उस घटना के बाद किया गया, जब 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी भवन गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि सिविल लाइंस जोन में 608 पीजी भवनों में से केवल 28 के पास फायर एनओसी है, जबकि केशव पुरम जोन के 410 पीजी भवनों में से केवल दो के पास ही स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट है। दक्षिण जोन के 390 पीजी भवनों में से किसी के पास भी डीएफएस क्लीयरेंस, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी, निर्माण योजना मंजूरी या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है। यह स्थिति न केवल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि शहरी नियोजन और विनियामक ढांचे की कमजोरियों को भी उजागर करती है।
इस मुद्दे की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ और एसबीआई परीक्षाओं में शहरी नियोजन, विनियामक ढांचे और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में आर्थिक सर्वेक्षण और शहरी विकास से जुड़े मुद्दे भी शामिल होते हैं। इस सर्वे
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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